Saturday, 29 December 2018

Learn and earn

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Learn and earn
Story: Learn and earn Chuan and Jing joined a wholesale company together just after graduation. Both worked very hard. After several years, the boss promoted Jing to sales executive but Chuan remained a sales rep. One day Chuan could not take it anymore, tender resignation to the boss and complained the boss did not value hard working staff, but only promoted those who flattered him. The boss knew that Chuan worked very hard for the years, but in order...

You are unique

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You are unique
Story: You are unique! Think what a remarkable, unduplicatable, and miraculous thing it is to be you! Of all the people who have come and gone on the earth, since the beginning of time, not ONE of them is like YOU! No one who has ever lived or is to come has had your combination of abilities, talents, appearance, friends, acquaintances, burdens, sorrows and opportunities. No, one's hair grows exactly the way yours does. No one's finger prints are like...

आए हो मेरी जिंदगी में तुम बहार बन के

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आए हो मेरी जिंदगी में तुम बहार बन के
मेरी जिंदगी खुली किताब की तरह थी। उस किताब में लोगों के लिए प्यार और हमदर्दी के सिवा कुछ नहीं था। मैं अपने दोस्तों के लिए कुछ भी कर सकती थी और मेरी इस आदत ने मुझे परेशानी में डाल दिया था। एक वक्त ऐसा भी आया जब मैं बिल्कुल अकेली हो गई थी। मैं उन दिनों 12वीं के एग्जाम की तैयारी कर थी, जब तुम मेरी लाइफ में आए थे। मैं बहुत टूट चुकी थी। हर कोई मुझे बातें सुनाता था, जबकि मेरी कोई गलती नहीं थी। मैं तो बस अपनी दोस्त की जिंदगी बचा रही थी और सबने मुझको ही गलत समझ लिया...

Thursday, 27 December 2018

ईश्वर अच्छा ही करता है-अकबर बीरबल

22:58 0
ईश्वर अच्छा ही करता है-अकबर बीरबल
बीरबल एक ईमानदार तथा धर्म-प्रिय व्यक्ति था। वह प्रतिदिन ईश्वर की आराधना बिना नागा किया करता था। इससे उसे नैतिक व मानसिक बल प्राप्त होता था। वह अक्सर कहा करता था कि "ईश्वर जो कुछ भी करता है मनुष्य के भले के लिए ही करता है। कभी-कभी हमें ऐसा लगता है कि ईश्वर हम पर कृपादृष्टि नहीं रखता, लेकिन ऐसा होता नहीं। कभी-कभी तो उसके वरदान को भी लोग शाप समझने की भूल कर बैठते हैं। वह हमको थोड़ी पीड़ा इसलिए देता है ताकि बड़ी पीड़ा से बच सकें।" एक दरबारी को बीरबल की ऐसी...

कौन किसका नौकर है-अकबर बीरबल,

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कौन किसका नौकर है-अकबर बीरबल,
जब कभी दरबार में अकबर और बीरबल अकेले होते थे तो किसी न किसी बात पर बहस छिड़ जाती थी। एक दिन बादशाह अकबर बैंगन की सब्जी की खूब तारीफ कर रहे थे। बीरबल भी बादशाह की हां में हां मिला रहे थे। इतना ही नहीं, वह अपनी तरफ से भी दो-चार वाक्य बैंगन की तारीफ में कह देते थे। अचानक बादशाह अकबर के दिल में आया कि देखें बीरबल अपनी बात को कहां तक निभाते हैं- यह सोचकर बादशाह बीरबल के सामने बैंगन की बुराई करने लगे। बीरबल भी उनकी हां में हां मिलाने लगे कि बैंगन खाने से शारीरिक...

लहरें गिनना-अकबर बीरबल

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लहरें गिनना-अकबर बीरबल
एक दिन अकबर बादशाह के दरबार में एक व्यक्ति नौकरी मांगने के लिए अर्जी लेकर आया। उससे कुछ देर बातचीत करने के बाद बादशाह ने उसे चुंगी अधिकारी बना दिया। बीरबल, जो पास ही बैठा था, यह सब देख रहा था। उस आदमी के जाने के बाद वह बोला- "यह आदमी जरूरत से ज्यादा चालाक जान पड़ता है। बेईमानी किये बिना नहीं रहेगा।" थोड़े ही समय के बाद अकबर बादशाह के पास उस आदमी की शिकायतें आने लगीं कि वह प्रजा को काफी परेशान करता है तथा रिश्वत लेता है। अकबर बादशाह ने उस आदमी का तबादला...

सही और गलत के बीच का अंतर-अकबर बीरबल

22:51 0
सही और गलत के बीच का अंतर-अकबर बीरबल
एक बार अकबर बादशाह ने सोचा, "हम रोज-रोज न्याय करते हैं। इसके लिए हमें सही और गलत का पता लगाना पड़ता है। लेकिन सही और गलत के बीच आखिर कितना अंतर होता है?" अगले दिन अकबर बादशाह ने यह प्रश्न दरबारियों से पूछा। दरबारी इस प्रश्न का क्या उत्तर देते? दरबारियों के लिए तो बीरबल ही सभी समस्याओं की कुँजी थे, इसलिए सभी दरबारियों की नजरें बीरबल पर टिक गईं। बादशाह समझ गए कि किसी के पास इस प्रश्न का जवाब नहीं है। यदि किसी के पास जवाब है भी तो उसमें जवाब देने की हिम्मत...

बुद्धिमानो से भी बुद्धिमान-अकबर बीरबल

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बुद्धिमानो से भी बुद्धिमान-अकबर बीरबल
एक दिन बादशाह ने बीरबल से कहा, बीरबल कोई एक ऐसा आदमी ढूंढकर लाओं जो बुद्धिमानों से भी ज्यादा बुद्धिमान हो। जैसा हुक्म जहापनाहं! बहुत जल्दी ऐसा आदमी आपके सामने हाजिर कर दूंगा, पर इसके लिए समय और धन की जरुरत पडेगी। 500 स्वर्ण मोहरे ले लो और तुम्हे एक सप्ताह का समय दिया जाता है। बीरबल समय और धन पाकर अपने घर पर आराम करने लगे। आधे से ज्यादा धन को उन्होंने दिन दुखीयों की सहायता में लगा दिया। सातवे दिन बीरबल ने इधर-उधर घुमकर गाय-भैस चराते हुए एक ग्वाले...

रेत से चीनी अलग करो-अकबर बीरबल

22:48 0
रेत से चीनी अलग करो-अकबर बीरबल
बादशाह अकबर के दरबार की कार्यवाही चल रही थी, तभी एक दरबारी हाथ में शीशे का एक मर्तबान लिए वहां आया। "क्या है इस मर्तबान में ?" पूछा बादशाह ने। वह बोला, "इसमें रेत और चीनी का मिश्रण है।" "वह किसलिए ?" फिर पूछा अकबर ने। "माफी चाहता हूँ हुजूर," दरबारी बोला, "हम बीरबल की काबलियत को परखना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि वह रेत से चीनी का दाना-दाना अलग कर दे।" बादशाह अब बीरबल से मुखातिब हुए, "देख लो बीरबल, रोज ही तुम्हारे सामने एक नई समस्या रख दी जाती है।" वह मुस्कराए...

सब बह जाएंगे-अकबर बीरबल

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सब बह जाएंगे-अकबर बीरबल
बादशाह अकबर और बीरबल शिकार पर गए हुए थे। उनके साथ कुछ सैनिक तथा सेवक भी थे। शिकार से लौटते समय एक गांव से गुजरते हुए बादशाह अकबर ने उस गांव के बारे में जानने की जिज्ञासा हुई। उन्होंने इस बारे में बीरबल से कहा तो उसने जवाब दिया—"हुजूर, मैं तो इस गांव के बारे में कुछ नहीं जानता, किंतु इसी गांव के किसी बाशिन्दे से पूछकर बताता हूं।" बीरबल ने एक आदमी को बुलाकर पूछा—"क्यों भई, इस गांव में सब ठीकठाक तो है न ?" उस आदमी ने बादशाह को पहचान लिया और बोला—"हुजूर आपके...

छोटा बांस, बड़ा बांस-अकबर बीरबल

22:44 0
छोटा बांस, बड़ा बांस-अकबर बीरबल
एक दिन अकबर व बीरबल बाग में सैर कर रहे थे। बीरबल लतीफा सुना रहा था और अकबर उसका मजा ले रहे थे। तभी अकबर को नीचे घास पर पड़ा बांस का एक टुकड़ा दिखाई दिया। उन्हें बीरबल की परीक्षा लेने की सूझी। बीरबल को बांस का टुकड़ा दिखाते हुए वह बोले, "क्या तुम इस बांस के टुकड़े को बिना काटे छोटा कर सकते हो ?" बीरबल लतीफा सुनाता-सुनाता रुक गया और अकबर की आंखों में झांका। अकबर कुटिलता से मुस्कराए, बीरबल समझ गया कि बादशाह सलामत उससे मजाक करने के मूड में हैं। अब जैसा...
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